द ब्रिटिश एजुकेशन सेंटर में यातायात जागरूकता अभियान पर परिचर्चा आयोजित
शिक्षा के साथ यातायात नियमों का पालन भी जरूरी : सुरेश गुप्ता




दुर्घटना से भली देर, यातायात नियमों का पालन कर स्वयं और दूसरों की सुरक्षा करें : हयात ज़फर हाशमी
कानपुर। बेकनगंज स्थित द ब्रिटिश एजुकेशन सेंटर में सोमवार को यातायात जागरूकता अभियान के अंतर्गत परिचर्चा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खादी ग्रामोद्योग महासंघ के अध्यक्ष श्री सुरेश गुप्ता उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में युवा समाजसेवी हयात ज़फर हाशमी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में मरियम पब्लिक स्कूल के प्रबंधक अब्दुल माजिद एवं एम.ए. सोलंकी स्कूल के प्रबंधक हाजी कौसर सोलंकी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन द ब्रिटिश एजुकेशन सेंटर के निदेशक अलीम अख्तर खान ने किया। इस अवसर पर निदेशक द्वारा सभी अतिथियों को माला पहनाकर एवं दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कोचिंग सेंटर के छात्र-छात्राओं ने यातायात नियमों के प्रति अपनी जागरूकता व्यक्त करते हुए विचार प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि सुरेश गुप्ता ने बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया तथा उनके जागरूकता प्रयासों की सराहना करते हुए प्रोत्साहित किया।
विशिष्ट अतिथि युवा समाजसेवी हयात ज़फर हाशमी ने अपने संबोधन में कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल हमारी अपनी सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे परिवार और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। वाहन चलाते समय हमें स्वयं को सुरक्षित रखने के साथ-साथ वाहन पर नियंत्रण बनाए रखना चाहिए, क्योंकि हमारी एक छोटी-सी लापरवाही किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन को भी खतरे में डाल सकती है।
उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा कार चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करना चाहिए। वाहन की गति इतनी नियंत्रित होनी चाहिए कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में समय रहते ब्रेक लगाकर स्वयं को और दूसरों को सुरक्षित रखा जा सके।
हयात ज़फर हाशमी ने यातायात चौराहों का उदाहरण देते हुए कहा कि अक्सर देखा जाता है कि रेड सिग्नल होने के बावजूद कुछ लोग दाएं-बाएं से वाहन निकालने का प्रयास करते हैं, जो यातायात नियमों के विरुद्ध है। लोगों को ऐसी लापरवाही से बचना चाहिए। दो-चार मिनट के ट्रैफिक रुकने से कोई बड़ी देर नहीं होती, लेकिन जल्दबाजी में हुई दुर्घटना किसी के जीवन को हमेशा के लिए प्रभावित कर सकती है। इसलिए हमें यह समझना होगा कि “दुर्घटना से भली देर।”
हयात ज़फर हाशमी के संबोधन के पश्चात हाजी कौसर सोलंकी एवं अब्दुल माजिद ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने शिक्षा के महत्व और यातायात नियमों के पालन पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में जहीर अंसारी, असद अनम मैम, नदीम अख्तर, परवेज अख्तर, दानिश खान सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना तथा सुरक्षित यातायात के लिए जिम्मेदार नागरिक बनने हेतु प्रेरित करना रहा।






