हलीम मुस्लिम पी.जी. कॉलेज की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता तथा परिसर के कथित व्यावसायिक उपयोग की उच्चस्तरीय जांच की मांग


कानपुर। हलीम मुस्लिम पी.जी. कॉलेज, कानपुर की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता, भवन की स्थिति, खेल गतिविधियों तथा कॉलेज परिसर के कथित व्यावसायिक उपयोग को लेकर पूर्व छात्रों, वर्तमान छात्रों, अधिवक्ताओं एवं संस्था से जुड़े लोगों ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कानपुर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
ज्ञापन में कॉलेज भवन की जर्जर स्थिति एवं गिरते प्लास्टर की तत्काल जांच, लगातार घटती छात्र संख्या के कारणों की समीक्षा तथा शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाए जाने की मांग की गई।
इसके साथ ही विज्ञान विषय में स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू न होने, एम.ए. में अतिरिक्त विषयों एवं कॉमर्स में मास्टर कोर्स शुरू न किए जाने के कारणों की जांच की मांग भी उठाई गई।
ज्ञापन में कॉलेज के खेल मैदान को शादी-समारोह एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कथित रूप से इस्तेमाल किए जाने, पिछले तीन वर्षों से वार्षिक खेल-कूद प्रतियोगिताएं न होने तथा छात्रों एवं अध्यापकों से कथित अवैध वसूली के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई।
वित्तीय मामलों को लेकर ज्ञापनकर्ताओं ने ₹1.87 करोड़ के कथित वित्तीय घोटाले के आरोपों, कॉलेज परिसर में आयोजित शादी-समारोहों से प्राप्त आय, संबंधित रसीदों एवं बैंक रिकॉर्ड, कॉलेज/एसोसिएशन से संबंधित संपत्तियों के किराये एवं बिक्री तथा पिछले वर्षों के आय-व्यय का स्वतंत्र एवं विशेष ऑडिट कराने की मांग की।
इसके अलावा कॉलेज चुनाव प्रक्रिया में कथित फर्जी वोट एवं वोट की खरीद-फरोख्त के आरोपों तथा वर्तमान मुस्लिम एसोसिएशन कानपुर की कार्यप्रणाली एवं वित्तीय/प्रशासनिक निर्णयों की भी उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई।
ज्ञापनकर्ताओं ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जाए। जांच में यदि किसी व्यक्ति, पदाधिकारी, सहयोगी संस्था अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी प्रमाणित होती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर सक्षम स्तर से सीबीआई जांच की संस्तुति किए जाने की मांग भी की गई।
ज्ञापन सौंपने वाले लोगों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थान की गरिमा, छात्रों के भविष्य, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
पूर्व छात्र नेता एवं अधिवक्ता आमिर जावेद अंसारी के नेतृत्व में आज जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व छात्र नेता अधिवक्ता सैय्यद नजमुस्साकिब नजम ने जिलाधिकारी से वार्ता के दौरान कहा कि कॉलेज से जुड़ी शिकायतों एवं कथित अनियमितताओं का निष्पक्ष समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते अनियमितताओं को दूर नहीं किया गया तो छात्रों को लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाने के लिए विवश होना पड़ सकता है।
उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण में पारदर्शी जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई तथा छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से अधिवक्ता शम्सुल इस्लाम, हयात ज़फर हाशमी, फैसल हयात, अधिवक्ता राहुल कनौजिया, अधिवक्ता फैज़ बेग, अधिवक्ता रेहान मंसूरी, शफाक अहमद, अधिवक्ता आमिर जावेद, मुर्तज़ा खान, सैय्यद नजमुस्साकिब, अधिवक्ता अयाज़ अहमद चिश्ती, अधिवक्ता आमिर जावेद अंसारी, जैश खान (छात्र, एच.एम.पी.जी. कॉलेज), आतिफ रहमान, मोहम्मद ईशान, मोहम्मद शफी बाबू, आमिर खान, शहनवाज़ अंसारी, मोहम्मद राहिल अधिवक्ता, फैज़ान कुरैशी अधिवक्ता, जितेन्द्र कुमार अधिवक्ता, नदीम अहमद अधिवक्ता, अलीम अख्तर खान, अज़ीज़ुल हसन, महबूब आलम अंसारी आदि मौजूद रहे।




