सिंदरू में बनी हाईटैक नर्सरी का मंत्री जोराराम कुमावत ने किया निरीक्षण

भरत शर्मा
मानसून में रियायती दर पर मिलेंगे एक लाख पौधे
पाली, 24 जून। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक जोराराम कुमावत ने विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिंदरू में नव-स्थापित हाईटैक नर्सरी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नर्सरी की आधुनिक सुविधाओं और वहां तैयार हो रहे पौधों का बारीकी से जायजा लिया।
दो अब बना आधुनिक केंद्र
निरीक्षण के दौरान मंत्री कुमावत ने बताया कि वन विभाग की यह नर्सरी पिछले दो दशकों से भी ज्यादा समय से बेहद जर्जर और खस्ताहाल स्थिति में पड़ी थी। क्षेत्र के पर्यावरण और विकास को ध्यान में रखते हुए इस जगह का पूरी तरह कायाकल्प किया गया है। अब इसे एक अत्याधुनिक हाईटैक नर्सरी के रूप में विकसित कर दिया गया है। मंत्री ने नर्सरी में करवाए गए विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि करीब ₹80 लाख के बजट से इस पूरी नर्सरी को आधुनिक रूप दिया गया है।

नर्सरी में अत्याधुनिक पॉली हाउस, पक्के बैड, लेबर शेड और पानी के लिए फार्म पौंड (खेत तलाई) का निर्माण किया गया है। स्थानीय स्तर पर पौधों की भारी मांग और आवश्यकता को देखते हुए नर्सरी का दायरा तीन गुना बढ़ा दिया गया है। पहले यह नर्सरी सिर्फ 1 हेक्टेयर में फैली थी, जिसे अब बढ़ाकर 3 हेक्टेयर कर दिया गया है।
आधुनिक तकनीक से तैयार हो रहे पौधे
कुमावत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र को हरा-भरा बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि आगामी मानसून सत्र के दौरान इस हाईटैक नर्सरी से स्थानीय ग्रामीणों को बेहद रियायती दरों पर नीम, शहतूत, देशी बबूल, जामुन, बेर व अमलताश की विभिन्न प्रकार की उन्नत प्रजातियों के लगभग एक लाख पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्री ने नर्सरी के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि पौधों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
पॉली हाउस में हाईटैक तकनीक से तैयार ये पौधे कम पानी में भी बेहतर विकास कर सकेंगे, जिससे क्षेत्र के किसानों और आमजन को वृक्षारोपण अभियान में सीधे तौर पर मदद मिलेगी। सिंदरू में इस स्तर की नर्सरी की स्थापना और मानसून में बड़े पैमाने पर सस्ते पौधे मिलने की खबर से स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस हाईटैक नर्सरी के शुरू होने से अब स्थानीय स्तर पर ही किसानों और आम जनता को उन्नत किस्म के पौधे आसानी से मिल सकेंगे।











